आज के समय में शिक्षा के क्षेत्र में दो नाम बहुत तेज़ी से चर्चा में हैं — एक है PM SHRI और दूसरा है CM SHRI. हम सभी जानते हैं कि सरकार सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने के लिए बड़े कदम उठा रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों योजनाओं में क्या अंतर है? क्या यह सिर्फ नाम का फर्क है या इनके पीछे का पूरा सिस्टम ही अलग है? आज हम इन दोनों के बारे में जानेंगे और ये भी जानेंगे कि इनसे छात्रों और शिक्षकों को क्या फायदे होंगे। अगर आप एक स्टूडेंट हैं, पैरेंट हैं या शिक्षक हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।
PM SHRI योजना क्या है?
सबसे पहले बात करते हैं PM SHRI की, जिसका पूरा नाम है प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया। यह केंद्र सरकार (Central Government) की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे देश में लगभग 14,500 पुराने स्कूलों को “मॉडल स्कूल” के रूप में विकसित करना है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को पूरी तरह लागू किया जाता है।
यहाँ की खास बात यह है कि ये स्कूल “ग्रीन स्कूल” होंगे, जहाँ सोलर पैनल, कचरा प्रबंधन और पानी के संरक्षण जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके बजट की बात करें तो इसमें केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% हिस्सा देती है (पहाड़ी राज्यों में केंद्र का हिस्सा 90% होता है)।
CM SHRI योजना क्या है?
अब आते हैं CM SHRI पर, जैसा कि नाम से पता चलता है, यह राज्य सरकारों (State Governments) द्वारा शुरू की गई योजना है। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे कई राज्यों ने अपने बजट से स्कूलों को हाई-टेक बनाने के लिए इसे शुरू किया है।
CM SHRI का उद्देश्य यह है कि राज्य के दूर-दराज के इलाकों में भी बच्चों को वह सुविधाएं मिलें जो किसी बड़े प्राइवेट स्कूल में मिलती हैं। चूँकि यह राज्य की योजना है, इसलिए इसका पूरा खर्च और प्रबंधन राज्य सरकार के पास ही होता है। ये स्कूल अक्सर राज्य की संस्कृति, स्थानीय भाषा और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं।
PM SHRI vs CM SHRI School: प्रमुख अंतर
अब बात करते हैं सबसे बड़े अंतरों की, जिन्हें आपको जानना ज़रूरी है:
- फंडिंग (Paisa): PM SHRI में केंद्र और राज्य दोनों का पैसा लगता है, जबकि CM SHRI का पूरा आर्थिक बोझ राज्य सरकार उठाती है।
- चयन प्रक्रिया (Selection Process): PM SHRI के लिए स्कूलों को एक कड़े ऑनलाइन आवेदन और चुनौती मोड (Challenge Mode) से गुजरना पड़ता है, जबकि CM SHRI में राज्य सरकार खुद तय करती है कि किन स्कूलों को अपग्रेड करना है।
- नियंत्रण (Control): PM SHRI स्कूलों पर केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स ज़्यादा प्रभावी होती हैं ताकि पूरे देश में एक जैसा स्टैंडर्ड रहे, जबकि CM SHRI पूरी तरह राज्य सरकार की नीतियों पर आधारित होते हैं।
PM SHRI vs CM SHRI School
चाहे स्कूल PM SHRI हो या CM SHRI, अंत में फायदा हमारे देश के बच्चों का ही है। इन योजनाओं से सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, खेल के मैदान और बेहतर करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इसका सबसे बड़ा असर यह होगा कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के बच्चों को भी वर्ल्ड-क्लास एजुकेशन मुफ्त या बहुत कम खर्च में मिल पाएगी।